श्री विधि (एस आर आई) भी धान की खेती करने की एक पद्धति या तरीका है| इस पद्धति 1983 में अफ्रिका के मेडागास्कर में खोजा गया| इस पद्धति को वहां के चर्च के एक पादरी हेनरी ने खोजा था| श्री विधि हमारे परम्परागत विधि बोवाई और रोपाई विधि से भिन्न है| इस लेख में श्री [Read More] …
Agriculture
समेकित पोषक तत्व प्रबंधन क्या है? | पोषक तत्व प्रबंधन कैसे करें?
समेकित पोषक तत्व (आईएनएम) प्रबंधन, आज प्रत्येक किसान यह अपेक्षा करता है, कि उसको खेती के सम्पूर्ण क्षेत्र में अच्छी गुणवत्ता वाली अधिक से अधिक पैदावार प्राप्त हो, प्रारम्भ में जब रासायनिक उर्वरक उपलब्ध नहीं थे, खेती में जैविक खादों का प्रयोग मुख्य रूप से किया जाता था| जिससे फसल उत्पादन अपेक्षित स्तर तक नहीं [Read More] …
कृषि में सिंचाई प्रबंधन क्या है? | कृषि में सिंचाई का क्या महत्व है?
कृषि न केवल भारतीयों के जीविकोपार्जन का साधन है, बल्कि बहुत से उद्योग धन्धों एवं व्यापारों का प्रबल साधन भी है| भारत एक कृषि प्रधान देश है तथा यहां के लोगों के लिए कृषि ही उनकी आर्थिक स्थिति की रीढ़ की हड्डी है| ऐसे कृषि प्रधान देश में कृषि की अच्छी पैदावार के लिए फसलों [Read More] …
धान बोने की प्रचलित पद्धतियां | धान बोने की कौन कौन सी विधि है?
धान बोने की अनेक पद्धतियाँ प्रचलित हैं| प्रत्येक पद्धति के अपने-अपने लाभ और हानियाँ हैं| किसान अपने धान उपलब्धता, साधन और सुविधा को देखते हुये धान बोने की पद्धतियों का चुनाव करते हैं या करना चाहिए| इस लेख में धान बोने की प्रचलित पद्धतियों की उपयोगी जानकारीयों का उल्लेख है, जो इस प्रकार है| धान [Read More] …
धान में पोषक तत्व प्रबंधन | धान में खाद उर्वरक का उपयोग कब करें?
धान में पोषक तत्व प्रबन्धन धान में खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग मिटटी परीक्षण के आधार पर ही करना उपयुक्त है| यदि किसी कारणवश मिटटी का परीक्षण न हुआ तो धान में पोषक तत्व (उर्वरकों) का प्रयोग निम्नानुसार करना चाहिए| धान की खेती की पूरी जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें- धान (चावल) की खेती कैसे करें [Read More] …
धान के कीटों का समेकित प्रबंधन | धान में कीट नियंत्रण कैसे करें?
धान के कीटों का समेकित प्रबंधन एक बहुद्देशीय पहुँच है, जिसकी सार्थकता वर्तमान समय में भारत की आवश्यकता है| इसमें पारिस्थितिकी तंत्र को अक्षुण्ण रखते हुए धान के कीटों के प्रबंधन में उपलब्ध सारी तकनीकों का व्यवहार इस प्रकार करना है| कि वे एक दूसरे को नहीं काटे एवं वातावरण के लिए हानिकारक कीटनाशी रसायनों [Read More] …
धान में एकीकृत रोग प्रबंधन | धान में एकीकृत रोग नियंत्रण कैसे करें
धान में विभिन्न क्षतिकर रोग लगते है, जो इस प्रकार है, जैसे- धान का झोंका, भूरा धब्बा, शीथ ब्लाइट, आभासी कंड एवं अन्य की समस्या प्रमुख है| हालाँकि धान की विभिन्न उन्नतशील किस्में जो कि अधिक उपज देती हैं| उनका प्रचलन भारत में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है| परन्तु मुख्य समस्या कीट और रोगों की [Read More] …
सिंचित क्षेत्रों में धान की फसल के कीट और उनका नियंत्रण कैसे करें
भारत धान उत्पादन करने वाला विश्व में एक प्रमुख देश है| धान की खेती असिंचित एवं सिंचित दोनों स्थितियों में की जाती है| धान की विभिन्न उन्नतशील प्रजातियाँ जो कि अधिक उपज देती हैं| उनका प्रचलन सिंचित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है| परन्तु प्रमुख समस्या कीट ब्याधियों की है, यदि समय रहते इसका [Read More] …
असिंचित क्षेत्रों में धान की फसल के कीट और उनका नियंत्रण कैसे करें
भारत में सिंचित व असिंचित क्षेत्रों में धान की खेती दोनों परिस्थितियों में की जाती है| धान की विभिन्न उन्नतशील प्रजातियाँ जो कि अधिक उपज देती हैं| उनका प्रचलन असिंचित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है| परन्तु मुख्य समस्या कीट ब्याधियों की है, यदि समय रहते इनकी रोकथाम कर ली जाये तो अधिकतम उत्पादन [Read More] …
धान में खरपतवार प्रबंधन | धान में खरपतवार नियंत्रण कैसे करें?
धान में खरपतवार एवं निराई प्रबंधन, धान की खेती वर्षा ऋतु में की जाती है| इस समय वायुमण्डल में पर्याप्त नमी और तापमान की उपस्थिति से खरपतवारों का जमाव एवं विकास अधिक होता है| इसलिए धान के खेत में विभिन्न प्रकार के जलीय और वार्षिक चौड़ी पत्ती वाले तथा सकरी पत्ती वाले खरपतवार उगते हैं, [Read More] …