रबी फसलों में सिंचाई की आवश्यकता, पौधों की उचित वृद्धि और विकास के लिए कृत्रिम विधि से पानी देना ही सिंचाई कहलाता है| जैसा कि हम जानते हैं, कि मानव, पशुओं तथा पौधों के जीवन के लिए पानी बहुत महत्वपुर्ण होता है और पानी के बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नामुमकिन है| जल [Read More] …
Agriculture
रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन कैसे करें: अधिक उत्पादन हेतु
रबी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन, हमारे देश में रबी ऋतु में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं, जिनमें से मुख्य खाद्य फसलें गेहूं एवं जौ हैं तथा दलहनी फसलों के अन्तर्गत चना, मसूर एवं मटर आते हैं| रबी फसलों में तिलहनी फसलों में तिल, सरसों और कुसुम तथा चारे की फसलों में जई, [Read More] …
गेहूं का पीला रतुआ रोग क्या है?: पीला रतुआ रोग से बचाव के उपाय
गेहूं का पीला रतुआ (Yellow rust) रोग, गेहूं के उत्पादन में विश्व स्तर पर भारत का दूसरा स्थान है और वर्ष 2014 में हमारा गेहूं उत्पादन 95.91 मिलियन टन रहा जो एक ऐतिहासिक रिकार्ड उत्पादन है| भारत की गेहूं उत्पादन में यह उपलब्धि दुनिया के विकास के इतिहास में शायद सबसे महत्वपूर्ण तथा अद्वितीय रही [Read More] …
गेहूं का करनाल बंट रोग क्या है?: करनाल बंट रोग से बचाव के उपाय
निओवोसिया इण्डिका (टिलेशिया इण्डिका) नामक कवक द्वारा ग्रसित गेहूं का करनाल बंट रोग आशिंक बंट के नाम से भी जाना जाता है| इस रोग का प्रकोप भारतवर्ष में सर्वप्रथम सन् 1931 में हरियाणा राज्य के करनाल जिले में देखा गया था| गेहूं का करनाल बंट रोग गेहूं की फसल के लिये ज्यादा हानिकारक नही होता [Read More] …
मक्का खेती के रोग की रोकथाम | मक्का में रोग नियंत्रण कैसे करें
मक्का का विश्व की कृषि में प्रमुख स्थान है| भारत में मक्का खेती का, चावल और गेहूं के बाद तीसरा स्थान है| कुछ वर्ष पहले के आकड़ों के अनुसार भारत में मक्का खेती का उत्पादन 86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में, एवं औसत उत्पादन 212.8 लाख टन रिकार्ड किया गया| उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले [Read More] …
दीमक से विभिन्न फसलों को कैसे बचाएं | दीमक से पौधों को कैसे बचाएं
दीमक (Termite) एक खतरनाक एवं बहुजातीय कीट है| एक समूह कार्यों के आधार पर कई श्रेणियों में विभाजित होता है, जैसे- राजा, रानी, श्रमिक और सैनिक दीमक, इनमें से केवल श्रमिक दीमक ही सभी प्रकार की हानि के लिए उत्तरदायी होती हैं| ये अनके कृषि फसलों, वृक्षों, सब्जियों जैसे- गन्ना, गेहूं, मक्का, मूंगफली, जौ, चना [Read More] …
खरपतवारनाशी रसायनों के प्रयोग में सावधानियां और सतर्कता बरतें
किसान बंधुओं खरपतवारनाशी रसायन (Weed chemical) मनुष्य के शरीर में मुंह, त्वचा और श्वांस के माध्यम से प्रवेश करते हैं, जो उचित सावधानी न बरते जाने पर उपयोग कर्ता तथा वातावरण के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं| इसके अतिरिक्त खरपतवारनाशी रसायनों के प्रयोग करने के समय निचे लिखित सावधानियां रखनी चाहिए, जैसे- खरपतवारनाशी रसायन [Read More] …
रबी फसलों में खरपतवार नियंत्रण कैसे करें: जाने भरपूर उत्पादन हेतु
हमारी कृषि की स्थिति को सुदृढ़ बनाये रखने के लिए रबी मौसम में उगाई जाने वाली फसलों की उत्पादकता का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है| इनकी उत्पादकता को विकसित देशों की उत्पादकता के समान लाने के लिए हमें विभिन्न प्रकार के खरपतवारों, कीड़ों और बीमारियों के प्रकोप से फसलों को बचाना पड़ेगा| हमारे देश में [Read More] …
सरसों की फसल में शाखाओं की छंटाई जाने एक लाभदायक तकनीक
सरसों की फसल तेल एवं प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत होने की दृष्टि से दुनिया भर में सरसों की फसल का या उत्पादन बढ़ रहा है| इसका उत्पादन क्षेत्र 6.83 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 29.83 मिलियन हेक्टेयर हो गया साथ ही साथ इसकी पैदावार 4.5 मिलियन टन से बढ़कर 49.82 मिलियन टन हो गयी है| [Read More] …
क्षारीय पानी का खेती में स्थायी और सुरक्षित उपयोग कैसे करें
क्षारीय जल (Alkaline water) में उपस्थित धनायनों में कैल्शियम एवं मैग्नीशियम की अपेक्षा सोडियम आयन अधिक मात्रा में होता है और ऋणायनों में कार्बोनेट तथा बाई कार्बोनेट आयनों की मात्रा क्लोराइड एवं सल्फेट आयन की तुलना में अधिक होती है, यानि की ऐसे जल में सोडियम कार्बोनेट और सोडियम बाई कार्बोनेट लवणों की प्रचुरता होती [Read More] …