हॉप्स सामान्य तौर से प्रायः मादा शंकुओं (कोन्स) के लिए उगाया जाता है| ये शंकु पेय पदार्थों के परिरक्षण व उन्हें सुंगधित बनाने के लिए उपयोग में लाये जाते हैं, क्योंकि इनमें हॉप तेल और अल्फा अम्ल पाये जाते हैं| औषधीय रूप में हॉप्स का उपयोग टॉनिक और जीवाणुनाशक के रूप में उल्लेखनीय है| इस [Read More] …
Horticulture
अंजीर की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
अंजीर उपोष्ण क्षेत्रों में पाया जाने वाला महत्त्वपूर्ण फल है| कोहरे को सहन करने में इसकी विशेष क्षमता होती है| अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में इसके ताजे अर्द्ध-सूखे, सूखे फलों एवं विधायन द्वारा तैयार पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुये इसके व्यवसायिक उत्पादन की अपार सम्भावनाएं हैं| अंजीर एक लोकप्रिय फल है, जो ताजा और सूखा [Read More] …
चीकू की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
भारत में सपोटा या चीकू (मनीलकारा आचरस) एक लोकप्रिय फल है| इसका जन्म स्थान मेक्सिको और मध्य अमेरिका माना जाता है| इसका फल खाने में सुपाच्य, कार्बोहाइड्रेट (14 से 21 प्रतिशत), प्रोटीन, वसा, फाइबर, खनिज लवण, कैल्शियम और आयरन का एक अच्छा स्रोत माना जाता है और इसका प्रयोग खाने के साथ-साथ जैम व जैली [Read More] …
कटहल की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
कटहल का पौधा एक सदाबहार 8 से 15 मीटर ऊँचा बढ़ने वाला, फैलावदार तथा घने छत्रकयुक्त बहशाखीय वृक्ष है, जो भारत का देशज है| भारत वर्ष में इसकी खेती पूर्वी एवं पश्चिमी घाट के मैदानों, उत्तर से पूर्व के पर्वतीय क्षेत्रों, संथाल परगना एवं छोटानागपुर के पठारी क्षेत्रों, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बंगाल के [Read More] …
लोकाट फल की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
लोकाट फल एक सदाबहार और उपउष्णकटिबंधीय फल का वृक्ष है| लोकाट फल की खेती भारत के वातावरण में सफलतापुर्वक की जा सकती है| भारत में इसे मुख्यत: लुकाट या लुगाठ के नाम से जाना जाता है| यह 5 से 6 मीटर कद प्राप्त करता है और इसकी प्रकृति फैलने वाली होती है| लोकाट फल का [Read More] …
जैतून की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
दुनिया भर में जैतून तेल की बढ़ती मांग से इसकी खेती करना फायदे मंद साबित हो सकता है| प्रीमियर खाद्य तेलों कि श्रेणी में इसके तेल का स्थान सबसे ऊँचा होता है| जैतून तेल का उपयोग खाने के साथ ,सौन्दर्य प्रसाधन व दवाइयों में हो रहा है, वहीँ जैतून के फल से दुनिया भर के [Read More] …
कीवी फल की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
चाइनीज़ गूजबैरी जो कि ‘कीवी फल’ के नाम से प्रसिद्ध है, कीवी फल एक महत्त्वपूर्ण फल है| कीवी फल की खेती हिमालय के मध्यवर्ती, निचले पर्वतीय क्षेत्रों, घाटियों तथा मैदानी क्षत्रों में जहां सिंचाई की सुविधा हो, सफलतापुर्वक की जा सकती है| अंगूर की बेलों की तरह ही इसकी बेलें बढ़ती हैं| कीवी फल भूरे [Read More] …
जापानी फल की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
हिमालय क्षत्रों में सेब व अनार के बाद अब जापानी फल (परसीमन) भी कृषकों या बागवानों की पसंद बनता जा रहा है| कम लागत और अच्छी रखरखाव क्षमता होने के कारण घाटी के बागवानों का रुख जापानी फल (परसीमन) की खेती की ओर बढ़ा है| अंग्रेजों द्वारा भारत लाए गए इस फल ने देश के [Read More] …
पीकन नट की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, देखभाल, पैदावार
पीकन नट फल अखरोट से अधिक उत्तम गुणवता वाला है| पीकन नट की खेती या बागवानी की काफी सम्भावनाएं हैं| अपनी लम्बी बड़ी जड़ों के कारण सूखे की स्थिति को भी यह पेड़ झेल लेता है, इसलिए इस पेड़ को सूखा पड़ने वाले क्षेत्रों में लगाया जा सकता है| उत्तरी अमेरिका को जन्म स्थान माना [Read More] …
अखरोट की खेती: किस्में, रोपाई, पोषक तत्व, सिंचाई, देखभाल, पैदावार
अखरोट की खेती या बागवानी भारत देश में मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रो में की जाती है| इसका अधिकतम उपयोग मिष्ठान उद्योग में किया जाता है| मस्तिष्क रुपी अखरोट दिमाग की सेहत के लिए अत्यंत लाभदायक होता है| अखरोट की खेती के लिए अंग्रेजी या फारसी किस्में ही व्यावसायिक स्तर पर महत्वपूर्ण है| यह उत्तर-पश्चिमी [Read More] …